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Thursday, 11 July 2013

kuch kahti hai

ये  हवा  की  लहर  कुछ  कहती  है ,
ये  सूरज  की  रौशनी  कुछ  कहती  है ,
ये  बसंत  का  सुहाना  मौसम  कुछ  कहता  है ,
ये  बरसात  की  रात  कुछ  कहती  है ,
ये  दिल  की  धड़कन  कुछ  कहती  है,
ये  जाते  हुवे  लम्हे  कुछ  कहते  है ,
ये  लहलहाती  फसले  कुछ  कहती  है ,
ये  चाँद  की  चांदनी   कुछ  कहती  है ,
ये  चमकते  हुवे  तारे  भी  कुछ  कहते  है ,
ये  झरनों  की  गिरती  जलधारा  कुछ  कहती  है ,
ये  कल  कल  बहती  नदिया  कुछ  कहती  है ,
ये  बारिश  की  रिमझिम  कुछ  कहती  है ,
ये  गरजते  हुवे  बादल  कुछ  कहते  है ,
ये  बिजलियों  का  चमकना  भी  कुछ  कहती  है ,
ये  गुलाब  की  महक  भी  कुछ  कहती  है ,
ये  फूलो  पे  भौरों  का  भ्रमण   कुछ कहता  है ,
ये  वृछो  की  मंजरी  कुछ  कहती  है ,
ये  लताओं    की  वक्रता  कुछ  कहती  है ,
ये  हिमालय  की  ताजगी   कुछ  कहती  है ,
ये  सागर  की   लहरे  भी  कुछ  कहती  है ,
दुनिया  में  हर  एक  चीज़  कुछ  कहती  है ,
और  हर  इक  चीज  में  कुछ  खास  नज़र  आता  है !!!