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Sunday, 19 May 2013

Ye Daulat kho jati hai

ये दौलत खो जाती है ,
ये शौहरत खो जाती है ,
ये दुनिया खो जाती है ,
ये महफ़िल खो जाती है,
ये हवाएं खो जाती है ,
ये फिजायें खो जाती हैं ,
मोहब्बत जुदा हो जाती है ,
वफ़ा भी बेवफा हो जाती है ,
जरा सोच ले ऐ मेरे दोस्त ,
जब मौत बदन को आती है,
तो ये तेरा सबसे प्यारा बदन ,
तेरे रूह से भी जुदा हो जाता है,

ये दुनिया रंगीन है तब तक ,
जब तक तू इसे रंगीन बनाने के काबिल है ,
ये खुशियाँ बिखरी है फिजाओं में तब तक,
जब तक तू इन फिजाओं में खुशियाँ बिखेरने के काबिल है ,
ये तेरे अपने सारे अपने है तब तक ,
जब तक तेरी दौलत इनके लिए काफी है ,
जिस दिन तेरी दौलत तेरे हाथो से खो जाएगी ,
जिस दिन तेरी शौहरत तुझसे अलग हो जाएगी ,
ये तेरे अपने खुद ब खुद तुझसे जुदा हो जाएगे,
जो आज तक है तेरे लिए प्यारे ,
वो तुझसे जुदा हो जाएगे ,

ये दुनिया तुझे भुला देगी ,
ये फ़िज़ाये तुझे भुला देगी ,
ये घटायें ये चाँद तारे सब तुझसे मुह फेर लेगें ,
और जिस दिन मौत आएगी ,
तो खुद ब खुद तेरी रूह तुझसे ही जुदा हो जाएगी !!



Sandeep Dubey